आम आदमी की आवाज जब बेअसर हो जाती है। उनकी आवाज बनने के प्रयास का नाम है द रूरल प्रेस। हमारी नजर में आम आदमी की आवाज जब होती है बेअसर तभी बनती है बड़ी खबर।