धन्यवाद महोदय, आपने इस विषय को उठाया—पर अब चिंता इससे कहीं बड़ी है।
हम दुनिया को बताते हैं कि हम एक मजबूत लोकतंत्र हैं,
लेकिन जब
#Paramilitary ही अपने अधिकार और सम्मान के लिए
#Sarkar और
#Nyay के सामने गुहार लगाए, तो ये तस्वीर क्या संदेश देती है?
जिस देश में हजारों वीरों ने इस लोकतंत्र को बनाने और बचाने के लिए अपने प्राण न्योछावर किए,
अगर आज वही देश अपने रक्षकों के अधिकार और सम्मान की रक्षा नहीं कर पा रहा—
तो इससे बड़ी विडंबना क्या होगी?
क्या उन वीरों की आत्माएं हमें माफ कर पाएंगी?
ये सवाल सिर्फ
#Paramilitary का नहीं है,
ये हर उस नागरिक का सवाल है जो देश की गरिमा और लोकतंत्र पर विश्वास करता आया है…
या क्या अब वो विश्वास भी धीरे-धीरे टूट रहा है?
जब देश के रक्षक ही अपने अधिकारों को लेकर असुरक्षित महसूस करें,
तो एक आम नागरिक के अधिकार कितने सुरक्षित होंगे?
सोचने का समय है—
क्योंकि दांव अब सिर्फ हक़ का नहीं, देश की साख का भी है।
#ParamilitaryPleadsJustice