Sahitya Tak: शब्द जब बनता है साहित्य, वाक्य करते हैं सरगोशियां, बन जाती हैं किताबें, रच जाती हैं कविताएं, कहानियां, व्यंग्य, किस्से व उपन्यास... मंच शब्दों का.