कलम है हाथ में, क्योंकि बैट छूट गया है हाथ से.. जमाने भर का समय है अपने पास, और सुन सकने का धैर्य भी! नागरिकता के बुनियादी अधिकारों की पहरेदारी, काम है अपना!📝