भारत देश की मिटटी की ख़ुशबू में रची-बसी हूँ। राष्ट्रसेवा और लोकसंस्कृति की धरोहर संजोना यही मेरा धर्म! परिवार संगीत,साहित्य,यात्रायें,ग्रामसमाज यही मेरा जीवन!