जय श्री कृष्णाऊँ वक्रतुण्ड़ महाकाय सूर्य कोटि समप्रभ। निर्विघ्नं कुरू मे देव, सर्व कार्येषु सर्वदा।। (1) ●▬▬▬▬ஜ۩۞۩ஜ▬▬▬▬● ⛳🚩|| ॐ_गणपते_नमः ||🚩⛳