टपोरी लेखक ✍️ कैसे मेरे दिल से वतन की याद जाएगी, मुझे उम्मीद है ऊपर मेरी फरियाद जाएगी, मैं अब अग्निवीर तो बन नही सकता, मगर सरहद पर जां देने मेरी औलाद जाएगी !