जोहार प्रकृति की जय और नमन के लिए श्रमण काल से प्रचलित है । जोहारदेश की शुरुआत का 25 नबंवर 2020 से की है। यह प्रति सोमवार शुक्रवार को प्रकाशित हो रहा है।