दलितों की लड़ाई हो, या उनकी दबती आवाज.. लड़ते रहे जिंदगीभर..खत्म करने को जातिवाद.. संविधान की रचना की, रच दिया इतिहास..मगर असली बाबा साहेब की किसने सुनी आवाज...