अभी गाजियाबाद में जो पाकिस्तान का जासूसी नेटवर्क पकड़ा गया है पहले उनमें सबके हिंदू नाम आए तो वामपंथी कांग्रे*सी उछल रहे थे लेकिन अब बड़ा खतरनाक खुलासा हो रहा है यह सभी के सभी जासूस मुस्लि*म है लेकिन ISI ने इनको हिंदू नाम रखना हिंदू पहचान पत्र बनाने और हिंदू प्रतीक जैसे ो कहा था और यह गाजियाबाद में हिंदू बनकर भाड़े पर रहते थेलेकिन आज पुलिस ने खुलासा किया कि यह सभी के सभी मुस्लि*म है
ये सिर्फ नाम बदलने तक सीमित नहीं था। सुहेल कलावा बाँधता था, गले में रुद्राक्ष पहनता था, माथे पर टीका लगाता था। नौशाद और समीर भी इसी तरह की हिंदू पहचान लेकर घूमते थे। यानी साजिश यह थी कि हिंदू बनकर जासूसी करो और हिंदुओं का भरोसा जीतो और फिर उनसे भी जासूसी करवाओ। क्योंकि इस गिरोह में युवक गणेश और महिला मीरा का भी नाम सामने आया।अब जब गाजियाबाद का पूरा नेटवर्क खुलकर सामने आ चुका है और साफ दिख रहा है कि किस तरह हिंदू नाम और पहचान को ढाल बनाकर जासूसी की जा रही थी, तब वे लोग कहाँ चले गए जो हर बार हिंदू नाम देखते ही उछल पड़ते हैं? वही लोग जो किसी एक नाम के आधार पर पूरी चर्चा का रुख मोड़ देते हैं, इस संगठित साजिश पर चुप रहे। न तो मज*हब के आधार पर हेडलाइन बनी, न कोई किसी मजगब को निशाना बनाया गया और यहाँ तक कि देश हित में भी सवाल नहीं पूछे गए। यही बताता है कि समस्या नजरिए की है।